कैद ⛓️
कौन कहता हैं, जो आजाद हैं वो कैद नहीं !
कौन कहता हैं, कि जो आबाद हैं वो बरबाद नहीं !
कही न कही हम सब मैं एक कैदी बसता हैं !
इस दौड मैं हम सब तो भाग जाते हैं,
पर वो अंदर हि अंदर थसता हैं !
चिखता हैं...चिल्लाता हैं...
मुझे बाहर आने दो...
पर उसे क्या पता...
वो हवा भी आजाद नहीं !
कौन कहता हैं जो आजाद हैं वो कैद नहीं....
कौन काहता हैं, जो कैद हैं वो बरबाद नहीं !